मेरी कविताएं

MY BLOG "DIL KA SAFAR' Pleae click here ( after open this page click on my blog URL )

13/10/2018 23:44
Please visit my blog " DIL KA SAFAR " for my all poems.... www.mdqamar.blogspot.com

झलक

15/10/2013 18:24
अब कोई खयाल भी आता नहीं खयालों में जब से समाया है तेरा खयाल मेरे खयालों में इक जूनून सा तारी है दिल के आलम पर तेरी ही चाह अब रहती है हर सवालों में जमीं से आसमां तक फैला है एहसास तेरा झलक तेरी ही नजर आती है हर उजालों में बंद आँखों में भी दिखती है सूरत तेरी तेरी ही बंदगी है मेरे हर आमालों में सुकून...

झंझावात

15/10/2013 18:19
  झंझावात कितना प्रबल है! दिशाएँ हो गईं निस्तब्ध, नभ हो गया निःशब्द, सरस मधुर पुरवाई अपना दिखा गई भुजबल है। झंझावात कितना प्रबल है! शाखें हैं टूटी-टूटी, सुमनों की किस्मत रूठी, टप-टप बूँदों ने बेध दिया हर पत्ती का अंतस्थल है! झंझावात कितना प्रबल है! पंछी तिनके अब जुटा रहे, चोटिल भावों को...
Items: 1 - 3 of 3